घर बनवाते समय दरवाजे को लेकर हम सब केवल डिजाइन देखते हैं, पॉलिश का रंग छांटते हैं, हैंडल पर घंटों लगा देते हैं। और डोर फ्रेम? यहीं हम लापरवाही कर बैठते हैं। फ्रेम दरवाजे की रीढ़ की हड्डी जैसा है। वो कमजोर हो, तो दो-चार बरसात में दरवाजा लटकने लगता है, बंद करते वक्त रगड़ खाता है और कुंडी लगाना भी मुश्किल हो जाता है। इसलिए door frame types के बारे में पहले ही थोड़ा जान लेना समझदारी है।
डोर फ्रेम क्या है?
दरवाजे के चारों तरफ दीवार में जो ढांचा बिठाया जाता है, उसे डोर फ्रेम कहते हैं। दोनों तरफ की खड़ी पट्टियां साइड पोस्ट कहलाती हैं और ऊपर की आड़ी पट्टी हेडर। कई जगह नीचे भी एक पट्टी लगती है, जिसे थ्रेशोल्ड कहते हैं। इसका काम दरवाजे का पूरा वजन उठाना है। दिन में कितनी बार दरवाजा खुलता-बंद होता है, उसका झटका भी फ्रेम ही झेलता है। यानी डोर फ्रेम की सामग्री जैसी होगी, दरवाजा उतने साल चलेगा।
डोर फ्रेम के 5 प्रकार
डोर फ्रेम के प्रकार निम्नलिखित हैं:
1. लकड़ी का डोर फ्रेम (Wooden Door Frame)
लकड़ी का फ्रेम तो हमारे घरों में दादा-परदादा के जमाने से चला आ रहा है। सागौन, साल, शीशम या देवदार की लकड़ी इसमें इस्तेमाल होती है। देखने में इसकी बात ही अलग है। पॉलिश करवाओ तो घर को एक भारी-भरकम, पक्का सा लुक मिल जाता है।
दिक्कत यह है कि लकड़ी को "संभालना" पड़ता है। सीलन आई, दीमक लगी या बरसात में फूल गई, तो फ्रेम टेढ़ा हो सकता है। अच्छी लकड़ी ऊपर से महंगी भी पड़ती है। फिर भी मुख्य दरवाजे और बेडरूम के लिए आज भी बहुत लोग इसी पर भरोसा करते हैं।
2. स्टील डोर फ्रेम (Steel Door Frame)
स्टील के फ्रेम आपने दफ्तरों, अस्पतालों, स्कूलों और दुकानों में खूब देखे होंगे। पतली लोहे की शीट को मोड़कर इन्हें बनाया जाता है और ऊपर से जंग-रोधी कोटिंग कर दी जाती है। न दीमक का डर, न बार-बार पॉलिश की झंझट। फिटिंग भी जल्दी हो जाती है।
पर एक बात ध्यान रखिए। कोटिंग कहीं से छिल गई और वहां नमी बैठ गई, तो जंग लगने में देर नहीं लगती। और घर में इसका लुक थोड़ा "दफ्तर वाला" लग सकता है। इसलिए इसे ज्यादातर सर्विस एरिया, गोदाम या दुकानों में लगवाया जाता है।
3. एल्युमिनियम डोर फ्रेम (Aluminium Door Frame)
एल्युमिनियम की सबसे बड़ी खूबी इसका हल्कापन है और इसमें जंग भी नहीं लगता। बालकनी, बाथरूम या रसोई के आसपास, जहां पानी के छींटे पड़ते रहते हैं, वहां यह काफी जमता है। कांच वाले और स्लाइडिंग दरवाजों के साथ तो इसका जवाब नहीं। लेकिन भारी लकड़ी के दरवाजे का बोझ यह उतने आराम से नहीं उठा पाता। इसलिए इसे हल्के और मॉडर्न दरवाजों के लिए ही चुनें।
4. कंक्रीट डोर फ्रेम (Concrete Door Frame)
गांवों और कम बजट वाले मकानों में आपने सीमेंट के बने फ्रेम जरूर देखे होंगे। इन्हें या तो पहले से ढालकर लाया जाता है या मौके पर ही बना लिया जाता है, और अंदर सरिया डाला जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि जेब पर हल्का है। दीमक और सीलन इसका कुछ नहीं बिगाड़ पाते।
इसकी कमजोरी है वजन और सादगी। फिनिश बहुत सुंदर नहीं बनती और डिजाइन के विकल्प भी गिने-चुने हैं। इसलिए यह स्टोर रूम, बाथरूम या बाहरी दरवाजों जैसी जगहों पर ज्यादा ठीक रहता है।
5. WPC डोर फ्रेम (WPC Door Frame)
WPC यानी वुड-प्लास्टिक कंपोजिट, जो लकड़ी के बुरादे और पॉलिमर को मिलाकर बनाया जाता है। पिछले कुछ सालों में यह काफी चलन में आया है, और वजह साफ है। देखने में लकड़ी जैसा, पर पानी और दीमक का कोई असर नहीं। यह न फूलता है, न सिकुड़ता है।
हां, असली लकड़ी वाली शान और नक्काशी इसमें नहीं मिलती। पर बाथरूम, रसोई और घर के अंदरूनी दरवाजों के लिए यह एक समझदार चुनाव माना जाता है। इस डोर फ्रेम के फायदे में सबसे ऊपर यही है कि एक बार लगवाकर आप बेफिक्र हो जाते हैं।
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डोर फ्रेम की सामग्री के अनुसार तुलना: Comparison Table
नोट: कीमत शहर, ब्रांड और क्वालिटी के हिसाब से ऊपर-नीचे होती रहती है, इसलिए खरीदने से पहले दो-तीन जगह भाव पूछ लेना ही ठीक रहता है। सबसे पहले यह सोचिए कि दरवाजा लगना कहां है। बाथरूम या रसोई के पास पानी का असर रहता है, तो वहां WPC, एल्युमिनियम या कंक्रीट बेहतर हैं। ड्राइंग रूम या मुख्य गेट पर लकड़ी की बात ही और है। फिर बजट देखिए। हर दरवाजे पर लकड़ी का फ्रेम लगवाना ज्यादातर परिवारों के लिए भारी पड़ता है। समझदारी इसी में है कि मुख्य दरवाजे पर लकड़ी लगे और बाकी जगह WPC या दूसरे ऑप्शन। और क्या आप हर साल फ्रेम की पॉलिश और ट्रीटमेंट करवाने का समय निकाल पाएंगे? अगर जवाब "शायद नहीं" है, तो कम रखरखाव वाला ऑप्शन चुनना ही अच्छा है। एक चीज और, दरवाजे का वजन। भारी ठोस दरवाजे को मजबूत फ्रेम चाहिए। हल्के दरवाजे के लिए भारी फ्रेम की जरूरत नहीं। सच कहें तो कोई एक डोर फ्रेम सबके लिए "सबसे अच्छा" नहीं होता। लकड़ी में शान है, स्टील में पक्कापन, एल्युमिनियम में हल्कापन, कंक्रीट में किफायत और WPC में बेफिक्री। आपको बस यह देखना है कि आपकी जगह, जेब और जरूरत के हिसाब से कौन सा फिट बैठता है। डोर फ्रेम के प्रकार में से सही फ्रेम चुन लिया, तो दरवाजे की चिंता अगले कई साल के लिए खत्म। आमतौर पर पांच: लकड़ी, स्टील, एल्युमिनियम, कंक्रीट और WPC। ये सबसे ज्यादा चलने वाले डोर फ्रेम के प्रकार हैं। मुख्य दरवाजे और बेडरूम के लिए लकड़ी, जबकि बाथरूम और रसोई के लिए WPC या एल्युमिनियम ज्यादा सही रहते हैं। लकड़ी असली और प्रीमियम लगती है, पर उसे नमी और दीमक से बचाना पड़ता है। WPC पर इनका असर नहीं होता और रखरखाव भी कम लगता है। हां, यह वाटरप्रूफ है और दीमक-रोधी भी, इसलिए बाथरूम जैसी गीली जगहों के लिए बढ़िया विकल्प है। दरवाजा कहां लगना है, बजट कितना है, दरवाजे का वजन कितना है और रखरखाव के लिए आपके पास कितना समय है, ये चार बातें देख लीजिए। डोर फ्रेम की सामग्री और उसकी क्वालिटी, फिटिंग कितनी सही हुई, नमी या दीमक से कितना बचाव मिला और समय-समय पर देखभाल हुई या नहीं, इन सब पर।सही डोर फ्रेम कैसे चुनें?
निष्कर्ष (Conclusion)
FAQs
1. डोर फ्रेम कितने प्रकार के होते हैं?
2. घर के लिए कौन-सा डोर फ्रेम सबसे अच्छा है?
3. लकड़ी और WPC डोर फ्रेम में क्या अंतर है?
4. क्या बाथरूम के लिए WPC डोर फ्रेम अच्छा है?
5. डोर फ्रेम चुनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
6. डोर फ्रेम की मजबूती और टिकाऊपन किन कारकों पर निर्भर करते हैं?














