House Gyan App
House Gyan is better on app
4.6Get our free app
Install

RERA में कब और कैसे करें शिकायत? जानें Home Buyers के अधिकार

RERA में शिकायत कैसे करें
31st, Jul, 2026
By HouseGyan
77 Views
Follow on Google

RERA शिकायत से जुड़ी यह गाइड बताती है कि पजेशन में देरी, गुणवत्ता में कमी, या अनुबंध उल्लंघन जैसी परिस्थितियों में शिकायत कैसे और कहां दर्ज करें। इसमें जरूरी दस्तावेज़, फीस, प्रक्रिया और home buyers के अधिकार शामिल हैं, ताकि आप बिल्डर की मनमानी के खिलाफ सही और कानूनी कदम उठा सकें।


Table Of Content



खुद का घर खरीदना हर किसी के जीवन के सबसे बड़े सपनों में से एक होता है। जीवनभर की जमा-पूंजी लगाने के बाद अगर बिल्डर अपने वादों से मुकर जाए, तो गुस्सा और लाचारी महसूस होना लाजमी है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अब आपको डरने या चुप बैठने की जरूरत नहीं है।

भारत सरकार ने होम बायर्स के हितों की रक्षा के लिए RERA (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) नाम का एक बेहद मजबूत कानून बनाया है। अगर आपका बिल्डर भी आपको घुमा रहा है या मनमानी कर रहा है, तो आइए जानते हैं कि RERA में शिकायत कैसे करें और कानून आपको क्या-क्या हक देता है। 

RERA क्या है और इसका उद्देश्य क्या है? 

RERA (रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट, 2016) एक ऐसा कानून है, जिसका मुख्य मकसद रियल एस्टेट मार्केट में बिल्डरों की तानाशाही खत्म करना और खरीदारों के पैसों को सुरक्षित रखना है।

RERA नियम आने से पहले बिल्डर देर से पजेशन देने, घटिया कंस्ट्रक्शन करने या बिना बताए प्रोजेक्ट का प्लान बदलने के बाद भी आसानी से बच निकलते थे। लेकिन अब नियम सख्त हैं: बिना RERA registration के कोई भी बिल्डर अपनी प्रॉपर्टी बेच ही नहीं सकता।

किन परिस्थितियों में RERA में शिकायत कर सकते हैं?

अगर आप नीचे दी गई किसी भी परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो आप तुरंत RERA में शिकायत कर सकते हैं:

1. समय पर पजेशन न मिलना

एग्रीमेंट में दी गई तारीख बीत जाने के बाद भी बिल्डर अगर पजेशन नहीं सिर्फ नई तारीखें दे रहा है।

2. निर्माण गुणवत्ता में कमी

दीवार-छत से पानी टपकना, कमजोर स्ट्रक्चर, या वादे के मुताबिक सामान (टाइल्स, फिटिंग्स आदि) न लगाना।

3. गलत या भ्रामक जानकारी देना

ब्रोशर में लग्जरी सुविधाएं दिखाकर असल में कुछ और थमा देना। यह रियल एस्टेट कानून के तहत गंभीर उल्लंघन माना जाता है।

4. अतिरिक्त शुल्क की मांग

जो चीज़ें बुकिंग के वक्त तय नहीं हुई थीं, अगर उनके नाम पर बाद में एक्स्ट्रा पैसे मांगे जाएं, तो यह भी RERA शिकायत दर्ज कराने का वाजिब आधार बनता है।

5. बिल्डर द्वारा अनुबंध का उल्लंघन

एग्रीमेंट में तय शर्तों से मुकरना, चाहे पेमेंट शेड्यूल हो या डिलीवरी टाइमलाइन, सीधे बिल्डर शिकायत के दायरे में आता है।

6. सुविधाएं और वादे पूरे न करना

एग्रीमेंट में लिखे क्लबहाउस, स्विमिंग पूल, लिफ्ट या पार्क जैसी सुविधाएं गायब होना या अधूरी होना।


Read More: What is RERA and Why Is It Important for Homebuyers to Check RERA Approval?

RERA में शिकायत कैसे करें?

अब बात करते हैं RERA complaint process की, यानी असल में शिकायत दर्ज कैसे करनी है।

1. ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया

  • अपने राज्य की RERA India की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं (जैसे MP RERA, आदि)।

  • 'Complaint Registration' वाले ऑप्शन पर क्लिक करके अपना अकाउंट बनाएं।

  • फॉर्म में अपनी और बिल्डर की पूरी जानकारी भरें।

  • मांगे गए जरूरी डाक्यूमेंट्स अपलोड करें और निर्धारित फीस जमा करके रसीद डाउनलोड कर लें।

2. ऑफलाइन शिकायत करने की प्रक्रिया

अगर आप ऑनलाइन प्रोसेस में कम्फर्टेबल नहीं हैं, तो अपने राज्य के RERA ऑफिस में जाकर फिजिकली फॉर्म भरकर और डाक्यूमेंट्स की फोटोकॉपी जमा करके भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

3. आवश्यक दस्तावेज़

  • बिल्डर के साथ हुआ बिल्डर-बायर एग्रीमेंट

  • अलॉटमेंट लेटर और पेमेंट की सभी रसीदें 

  • प्रोजेक्ट का RERA रजिस्ट्रेशन नंबर

4. शिकायत शुल्क

शिकायत दर्ज कराने की एक मामूली फीस होती है, जो अलग-अलग राज्यों के हिसाब से ₹1,000 से ₹5,000 के बीच हो सकती है।

5. शिकायत दर्ज करने के बाद क्या होता है?

Property dispute की शिकायत दर्ज होने के बाद RERA अथॉरिटी दोनों पार्टीज को अपना-अपना पक्ष रखने के लिए समन (नोटिस) भेजती है। सबूतों को देखने के बाद अथॉरिटी अपना अंतिम फैसला सुनाती है। RERA का फैसला बिल्डर के लिए मानना अनिवार्य होता है।

RERA के तहत Home Buyers के अधिकार 

Home buyer rights की बात करें, तो RERA के तहत आपको निम्न अधिकार हैं: 


  • समय पर पजेशन पाने का अधिकार 

  • प्रोजेक्ट की सही और पारदर्शी जानकारी पाने का अधिकार

  • देरी होने पर मुआवजे या ब्याज सहित रिफंड पाने का अधिकार 


इसके अलावा, प्रोजेक्ट में किसी भी बड़े बदलाव के लिए बायर्स की सहमति जरूरी है, और यह पूरी प्रक्रिया RERA अथॉरिटी की निगरानी में होती है।

RERA शिकायत दर्ज करते समय ध्यान रखने योग्य बातें 

  • शिकायत दर्ज करते समय अपने सारे दस्तावेज़ व्यवस्थित रखें, ताकि सुनवाई के दौरान कोई कमी न रहे। 

  • बिल्डर के साथ हुई हर बातचीत को लिखित रूप में सुरक्षित रखें, चाहे वह ईमेल हो या व्हाट्सएप मैसेज। 

  • शिकायत में तारीखें और फैक्ट्स सटीक तरीके से लिखें, और अगर मामला जटिल है तो किसी वकील की सलाह लेना भी फायदेमंद रहता है।

RERA शिकायत से जुड़े आम सवाल और गलतफहमियां

1. क्या हर प्रॉपर्टी RERA के अंतर्गत आती है?

नहीं, आमतौर पर 500 वर्ग मीटर से बड़े या 8 से ज्यादा यूनिट वाले प्रोजेक्ट्स ही RERA के दायरे में आते हैं, हालांकि यह सीमा राज्य के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती है।

2. क्या शिकायत ऑनलाइन की जा सकती है?

हां, ज्यादातर राज्यों में अब ऑनलाइन RERA complaint process पूरी तरह उपलब्ध है, जिससे होम बायर्स के लिए शिकायत दर्ज कराना काफी आसान हो गया है।

3. शिकायत का समाधान कितने समय में होता है?

RERA कानून के मुताबिक शिकायतों का निपटारा आमतौर पर 60 दिनों के भीतर होना चाहिए, हालांकि प्रेक्टिकली यह केस की जटिलता के आधार पर थोड़ा ज्यादा समय भी ले सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

घर खरीदना एक बड़ा भावनात्मक और आर्थिक निवेश है, इसलिए अगर बिल्डर अपने वादों से मुकर जाए, तो चुप बैठने की जरूरत नहीं। RERA ने property dispute से जुड़े मामलों में घर खरीदने वालों को एक भरोसेमंद और कानूनी रास्ता दिया है। सही दस्तावेज़ों और सही जानकारी के साथ अगर आप RERA शिकायत दर्ज कराते हैं, तो इंसाफ मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

FAQs

1. RERA में शिकायत कब की जा सकती है?

पजेशन में देरी, निर्माण गुणवत्ता में कमी, या बिल्डर द्वारा अनुबंध उल्लंघन जैसी स्थितियों में RERA में शिकायत की जा सकती है।

2. RERA में ऑनलाइन शिकायत कैसे करें?

अपने राज्य की RERA वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें, फॉर्म भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें और फीस जमा कर दें।

3. RERA शिकायत के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?

एग्रीमेंट, पेमेंट रसीदें, प्रोजेक्ट का RERA नंबर, और बिल्डर से हुई बातचीत के प्रमाण जरूरी होते हैं।

4. क्या हर बिल्डर RERA के तहत आता है?

नहीं, सिर्फ तय आकार सीमा से बड़े प्रोजेक्ट्स के बिल्डर ही RERA के अंतर्गत रजिस्टर्ड होते हैं।

5. RERA शिकायत का समाधान होने में कितना समय लगता है?

आमतौर पर 60 दिनों के भीतर समाधान होना चाहिए, हालांकि मामले की जटिलता के आधार पर यह समय बढ़ भी सकता है।

6. क्या RERA के माध्यम से रिफंड या मुआवजा मिल सकता है?

हां, अगर शिकायत सही पाई जाती है तो RERA अथॉरिटी बिलडेर को रिफंड, ब्याज या मुआवजा देने का आदेश दे सकती है।


Comments 0 Comments

Add Comment

House Gyan all services

Loading...
housegyan logo

The information contained on Housegyan.com is provided for general informational purposes only. While we strive to ensure that the content on our website is accurate and current, we make no warranties or representations of any kind, express or implied, about the completeness, accuracy, reliability, suitability, or availability with respect to the website or the information, products, services, or related graphics contained on the website for any purpose. Housegyan.com will not be liable for any loss or damage including, without limitation, indirect or consequential loss or damage, or any loss or damage whatsoever arising from loss of data or profits arising out of, or in connection with, the use of this website.


Third party logos and marks are registered trademarks of their respective owners. All rights reserved.

By Rapsa Group

Tractorgyan
Social Media
FacebookLinkedinInstagramYoutubePinterestWhatsappTwitterTelegramThreads

Download Our App

Download HouseGyan on Google PlayDownload HouseGyan on the App Store
© 2026 RAPSA TECHNOLOGIES PRIVATE LIMITED
footer-bg