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अगर आप घर का फर्श बदलने की सोच रहे हैं, तो टेराज़ो टाइल्स आपके लिए एक शानदार ऑप्शन हो सकती हैं। एक समय था जब पुराने बंगलों और सरकारी इमारतों में चिप्स वाला फर्श आम था। आज वही अंदाज़ नए रूप में वापस आ गया है। इस टेराज़ो टाइल्स गाइड में हम बताएंगे कि ये क्या हैं, कहां लगती हैं, इनकी देखभाल कैसे करें और इन्हें लगाने में बजट कितना लगेगा।
टेराज़ो टाइल्स क्या हैं? फायदे और नुकसान
Terrazzo Tiles बनाने के लिए संगमरमर, ग्रेनाइट, कांच या क्वार्ट्ज़ के छोटे टुकड़ों को सीमेंट या रेज़िन में मिलाया जाता है। सूख जाने के बाद इसे घिसकर चिकना बनाया जाता है। इसी वजह से इसकी सतह पर रंग-बिरंगे दाने दिखते हैं, जो इसे अलग पहचान देते हैं।
टेराज़ो टाइल्स के फायदे:
बहुत मज़बूत और टिकाऊ, सही देखभाल से कई साल चलती हैं। दोबारा पॉलिश करके नया जैसा बनाया जा सकता है। भारत की गर्मी में टेराज़ो फ्लोरिंग ठंडी रहती है। भारी आवाजाही में भी जल्दी खराब नहीं होती। रंग और डिज़ाइन के अनगिनत ऑप्शन्स। टेराज़ो टाइल्स के नुकसान: सीमेंट-बेस्ड टाइल्स को समय-समय पर सील करना पड़ता है। स्ट्रॉन्ग एसिड से सतह की चमक फीकी पड़ सकती है। इसके कुछ प्रकार सामान्य टाइल्स से महंगे पड़ते हैं। इन्हें लगाने के लिए कुशल कारीगर चाहिए। यह सबसे ट्रेडिशनल और इकोनॉमिकल प्रकार है। इसमें सीमेंट के साथ पत्थर के चिप्स मिलाए जाते हैं। यह घरों, दफ्तरों और स्कूलों में खूब इस्तेमाल होती है। इसे समय-समय पर सीलर लगाने की ज़रूरत पड़ती है। इसमें सीमेंट की जगह एपॉक्सी रेज़िन होता है। यह हल्की, चमकदार और ज़्यादा रंगीन होती है। ये नमी और दाग से कम प्रभावित होती है, इसलिए मॉडर्न डिज़ाइन वाले घरों में पसंद की जाती है।
टेराज़ो टाइल्स के प्रकार
1. सीमेंट-बेस्ड टेराज़ो टाइल्स
2. एपॉक्सी टेराज़ो
3. सिरेमिक या विट्रिफाइड टेराज़ो-लुक टाइल्स
ये असली टेराज़ो नहीं होतीं, बल्कि उनकी डिज़ाइन की नकल होती हैं। बजट कम हो और रखरखाव की झंझट न चाहिए, तो यह अच्छा ऑप्शन है। इनमें पानी सोखने की समस्या लगभग नहीं होती।
4. प्रीकास्ट टेराज़ो टाइल्स
ये फैक्ट्री में बनी-बनाई टाइल्स होती हैं, जिन्हें सीधे फर्श पर बिछाया जाता है। इनकी क्वालिटी एक जैसी रहती है और काम जल्दी निपट जाता है। जो लोग साइट पर लंबा काम नहीं चाहते, उनके लिए यह सुविधाजनक है।
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घर में टेराज़ो टाइल्स के उपयोग
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किचन - किचन में Terrazzo tiles लगाई जा सकती हैं, बशर्ते उन पर अच्छी सीलिंग हो। एपॉक्सी या विट्रिफाइड टेराज़ो-लुक टाइल्स यहां ज़्यादा सुरक्षित रहती हैं, क्योंकि तेल और मसालों के दाग आसानी से पड़ते हैं।
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बाथरूम - बाथरूम में फिसलन का ध्यान रखें। मैट या एंटी-स्किड फिनिश वाली टाइल्स चुनें। दीवारों पर टेराज़ो डिज़ाइन बहुत सुंदर लगता है।
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लिविंग रूम और बेडरूम - लिविंग रूम में टेराज़ो फ्लोरिंग कमरे को मॉडर्न और आर्टिस्टिक लुक देती है। हल्के रंग छोटे कमरे को बड़ा दिखाते हैं। बेडरूम में न्यूट्रल शेड्स चुनें, ताकि माहौल शांत रहे।
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बालकनी, बरामदा और सीढ़ियां - बाहर के हिस्सों में धूप और बारिश का असर होता है, इसलिए मज़बूत और खुरदरी सतह वाली टाइल्स चुनें। सीढ़ियों पर टेराज़ो लंबे समय तक चलती है और देखने में भी शानदार लगती है।
भारत में टेराज़ो टाइल्स की कीमत
टेराज़ो टाइल्स की कीमत इसके प्रकार, मोटाई, ब्रांड और शहर पर निर्भर करती है। मोटे तौर पर Terrazzo tiles Price in India कुछ इस तरह रहती है:
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सीमेंट-बेस्ड टेराज़ो टाइल्स: लगभग ₹60 से ₹150 प्रति वर्ग फुट
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प्रीकास्ट टेराज़ो टाइल्स: लगभग ₹100 से ₹250 प्रति वर्ग फुट
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सिरेमिक/विट्रिफाइड टेराज़ो-लुक टाइल्स: लगभग ₹40 से ₹120 प्रति वर्ग फुट
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एपॉक्सी टेराज़ो (इंस्टॉलेशन सहित): लगभग ₹200 से ₹450 प्रति वर्ग फुट
इसमें मज़दूरी, पॉलिशिंग और सीलिंग का खर्च अलग से जुड़ सकता है। खरीदने से पहले कम से कम दो-तीन दुकानों से भाव ज़रूर पूछ लें।
टेराज़ो टाइल्स की सफाई और रखरखाव कैसे करें?
1. रोज़ाना सफाई
सूखे झाड़ू या माइक्रोफाइबर पोछे से धूल हटाएं। फिर हल्के पीएच-न्यूट्रल क्लीनर या गुनगुने पानी से पोछा लगाएं। फर्श को ज़्यादा देर गीला न छोड़ें।
2. दाग और गहरी सफाई
चाय, कॉफी या तेल का दाग लगे तो तुरंत पोंछ दें। ज़िद्दी दाग पर बेकिंग सोडा और पानी का पेस्ट लगाकर कुछ देर रखें, फिर नरम ब्रश से साफ करें। साल में एक बार प्रोफेशनल पॉलिशिंग और सीलिंग करवाने से टाइल्स की चमक बनी रहती है।
3. किन क्लीनिंग प्रोडक्ट्स से बचें?
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एसिड वाले क्लीनर
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कड़े तार वाले स्क्रबर
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ब्लीच और बहुत स्ट्रॉन्ग केमिकल
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सिरका या नींबू का बार-बार इस्तेमाल
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टेराज़ो टाइल्स चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें?
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सैंपल देखें: दिन और रात की रोशनी में टाइल देखकर ही फैसला करें।
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सीलिंग की जानकारी लें: दुकानदार से पूछें कि सीलर कौन सा लगेगा।
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फिनिश देखें: चमकदार फिनिश सुंदर लगती है, पर फिसलन वाली हो सकती है।
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अच्छा कारीगर चुनें: गलत इंस्टॉलेशन से सबसे अच्छी टाइल भी बेकार हो जाती है।
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जगह के हिसाब से प्रकार चुनें: नमी वाली जगह पर एपॉक्सी या विट्रिफाइड बेहतर है।
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चिप्स का आकार और रंग: छोटे कमरों में बारीक चिप्स और हल्के रंग अच्छे लगते हैं।
टेराज़ो टाइल्स बनाम सामान्य टाइल्स
निष्कर्ष
टेराज़ो टाइल्स सुंदरता और मज़बूती का अच्छा मेल हैं। थोड़ी देखभाल के साथ ये सालों तक आपके घर की शान बढ़ाती हैं। इस आर्टिकल से आपको समझ आ गया होगा कि हर कमरे के लिए कौन सा प्रकार ठीक रहेगा। बजट, रखरखाव और डिज़ाइन तीनों को ध्यान में रखकर चुनें, और खरीदने से पहले टेराज़ो टाइल्स की प्राइस की तुलना ज़रूर करें।
FAQs
1. टेराज़ो टाइल्स क्या हैं?
ये संगमरमर, ग्रेनाइट या कांच के चिप्स को सीमेंट या एपॉक्सी में मिलाकर बनाई गई टाइल्स हैं, जिन्हें घिसकर चिकना किया जाता है। इनकी सतह पर रंगीन दाने दिखते हैं।
2. टेराज़ो टाइल्स का इस्तेमाल कहां किया जाता है?
इनका इस्तेमाल लिविंग रूम, बेडरूम, किचन, बाथरूम, बालकनी, सीढ़ियों के अलावा दफ्तरों, होटलों और दुकानों में भी होता है।
3. भारत में टेराज़ो टाइल्स की कीमत कितनी है?
भारत में टेराज़ो टाइल्स की कीमत आमतौर पर ₹40 से ₹450 प्रति वर्ग फुट के बीच रहती है। यह टाइप, ब्रांड और इंस्टॉलेशन पर निर्भर करती है।
4. क्या टेराज़ो टाइल्स फर्श के लिए अच्छी हैं?
हां, Terrazzo flooring टिकाऊ, ठंडी और सुंदर होती है। भारी इस्तेमाल वाले फर्श के लिए यह बढ़िया ऑप्शन है।
5. क्या टेराज़ो टाइल्स किचन में इस्तेमाल की जा सकती हैं?
जी हां, पर सही सीलिंग ज़रूरी है। किचन के लिए एपॉक्सी या विट्रिफाइड टेराज़ो-लुक टाइल्स ज़्यादा सुविधाजनक रहती हैं, क्योंकि उन पर दाग कम लगते हैं।














