Bhumi Pujan Shubh Muhurat
1st, Jan, 2026
By HouseGyan
Share

Bhumi Pujan Muhurat 2026 - घर निर्माण के लिए भूमि पूजन मुहूर्त 2026 की तारीखें


Table Of Content


नई शुरुआत की नींव शुभ मुहूर्त में रखी जाए तो सफलता निश्चित है!

हर इंसान का सपना होता है कि उसका अपना एक सुंदर सा घर हो—एक ऐसा स्थान जहाँ सुकून, सुरक्षा और समृद्धि वास करे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उस सपने की नींव अगर शुभ मुहूर्त में रखी जाए, तो वह घर पॉजिटिव एनर्जी से भर जाता है और आपके लिए एक सुरक्षा कवच का निर्माण करता है। 

भूमि पूजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह एक ऊर्जा संतुलन (एनर्जी बैलेंस) की प्रक्रिया है, जो आपके घर को हर मुसीबत से दूर रख सकती है। 2026 में यदि आप घर निर्माण की सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए पूरा पंचांग लेकर आया है। जहाँ आपको हर महीने में भूमि पूजन की शुभ तिथियों से लेकर नक्षत्रों तक सारी जानकारी एक साथ मिलेगी।

भूमि पूजन क्या है?

भारतीय परंपरा में किसी भी काम की शुरुआत से पहले भगवान का आशीर्वाद लेना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। भूमि पूजन उसी परंपरा का एक अहम हिस्सा है, स्पेशली जब बात हो घर बनाने या किसी नई बिल्डिंग की नींव रखने की।

यह पूजा विशेष रूप से भगवान् श्री गणेश, वास्तु देवता, नाग देवता, पंचतत्व, और पृथ्वी (भूमि) को समर्पित होती है ताकि भूमि पर निर्माण कार्य बिना किसी परेशानी के हो सके और भविष्य में उस स्थान में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे। भूमि पूजन करते समय विधिपूर्वक हवन, मंत्रोच्चार, नारियल स्थापना और विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं।

भूमि पूजन की तिथि चुनते समय ध्यान देने योग्य बातें

  • ग्रह-नक्षत्र की स्थिति: विशेषकर चंद्रमा की स्थिति का ध्यान रखा जाता है।

  • स्थान शुद्धि: भूमि को पहले शुद्ध कर, उस पर कलश स्थापना की जाती है।

  • पंचांग ज़रूर देखें: तिथि, दिन, नक्षत्र, योग और करण देखना बहुत ज़रूरी होता है।

  • भद्रा और राहुकाल से बचाव: ये अशुभ समय माने जाते हैं, अतः इनमें भूमि पूजन ना करें।

  • वास्तु के अनुसार दिशा चुनना: पूजन स्थल की दिशा एवं पूजा का मुखपूर्व दिशा में होना बेस्ट माना जाता है।

भूमि पूजन या गृह निर्माण पूजन के लाभ

  • वास्तुदोष निवारण

  • नकारात्मक ऊर्जा की समाप्ति

  • निर्माण कार्यों में बाधाओं से मुक्ति

  • परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार

  • शांति, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद

भूमि पूजन मुहूर्त चुनने के कोई नुकसान भी हो सकते हैं क्या?

यदि भूमि पूजन गलत मुहूर्त, भद्रा काल, या राहुकाल में किया जाए, तो इसके परिणाम (नकारात्मक) नेगेटिव भी हो सकते हैं:

  • घर में अशांति व मानसिक तनाव

  • निर्माण कार्य में रुकावटें

  • पारिवारिक कलह

  • वित्तीय समस्याएं

इसलिए भूमि पूजन के लिए अनुभवी पंडित से परामर्श और शुभ मुहूर्त का चयन बहुत ज़रूरी होता है।

2026 में वास्तु के अनुसार घर बनाने के लिए सबसे अच्छा माह कौन-सा है?

वास्तु शास्त्र और हिंदू पंचांग के अनुसार, जून, नवंबर और दिसंबर 2026 घर निर्माण की शुरुआत के लिए सबसे उत्तम महीने हैं। इन महीनों में नक्षत्रों की स्थिति, तारों का संयोग और ग्रहीय गोचर घर निर्माण के लिए अत्यंत शुभ होते हैं।

Read More: Vastu Shastra for Home

2026-27 में भूमि पूजन मुहूर्त (Bhumi Pujan Muhurat Dates)

महीनातिथिवारसमयनक्षत्र
मई4 मईसोमवारसुबह 5:38 – 10:50अनुराधा
मई8 मईशुक्रवारदोपहर 12:25 – रात 9:20उत्तरा आषाढ़
मई13 मईबुधवारसुबह 5:32 – दोपहर 1:29उत्तरा भाद्रपदा
जून24 जूनबुधवारसुबह 5:25 – दोपहर 1:59चित्रा
जून26 जूनशुक्रवाररात 10:22 – सुबह 5:25 (27 जून)अनुराधा
जून27 जूनशनिवारसुबह 5:25 – रात 10:11अनुराधा
जुलाई1 जुलाईबुधवारसुबह 6:51 – सुबह 5:27 (2 जुलाई)उत्तरा आषाढ़
जुलाई2 जुलाईगुरुवारदोपहर 1:15 – 3:20उत्तरा आषाढ़
जुलाई6 जुलाईसोमवारशाम 4:07 – सुबह 5:29 (7 जुलाई)उत्तरा भाद्रपदा
अक्टूबर27 अक्टूबरमंगलवारसुबह 8:20 – 10:50पुनर्वसु
अक्टूबर31 अक्टूबरशनिवारदोपहर 12:30 – 3:00पुष्य
नवंबर3 नवम्बरमंगलवारदोपहर 3:06 – रात 2:06 (4 नवम्बर)पुनर्वसु
नवंबर7 नवम्बरशनिवारदोपहर 2:48 – रात 9:16पुष्य
नवंबर10 नवम्बरमंगलवारशाम 6:48 – रात 12:08 (11 नवम्बर)अनुराधा
नवंबर11 नवम्बरबुधवारसुबह 6:40 – 11:38अनुराधा
नवंबर14 नवम्बरशनिवाररात 8:24 – 11:23उत्तरा आषाढ़
नवंबर17 नवम्बरमंगलवारसुबह 5:01 – सुबह 6:46 (18 नवम्बर)रेवती
नवंबर20 नवम्बरशुक्रवारसुबह 6:56 – सुबह 6:31 (21 नवम्बर)उत्तरा भाद्रपदा
नवंबर21 नवम्बरशनिवारसुबह 4:56 – सुबह 5:54 (22 नवम्बर)अश्विनी, रेवती
नवंबर25 नवम्बरबुधवारसुबह 6:52 – सुबह 6:52 (26 नवम्बर)रोहिणी, मृगशिरा
नवंबर26 नवम्बरगुरुवारसुबह 6:52 – शाम 5:47मृगशिरा
दिसंबर2 दिसम्बरबुधवाररात 10:51 – सुबह 6:58 (3 दिसम्बर)उत्तरा फाल्गुनी
दिसंबर3 दिसम्बरगुरुवारसुबह 6:58 – 9:23उत्तरा फाल्गुनी
दिसंबर4 दिसम्बरशुक्रवारसुबह 10:22 – रात 11:44चित्रा
दिसंबर11 दिसम्बरशुक्रवाररात 3:04 – सुबह 7:04 (12 दिसम्बर)उत्तरा आषाढ़
दिसंबर12 दिसम्बरशनिवारसुबह 7:04 – दोपहर 2:06उत्तरा आषाढ़
दिसंबर18 दिसम्बरशुक्रवाररात 11:14 – सुबह 7:09 (19 दिसम्बर)रेवती
दिसंबर19 दिसम्बरशनिवारसुबह 7:09 – दोपहर 3:58रेवती
दिसंबर30 दिसम्बरबुधवारसुबह 7:13 – दोपहर 12:36उत्तरा फाल्गुनी

2026 में भूमि पूजन के शुभ दिन | महीने के हिसाब से मुहूर्त तिथियाँ (Month-Wise Bhumi Pujan Muhurat Dates In 2026)

house plan at just 499

भूमिपूजन मुहूर्त मई 2026 (Bhumi Pujan Muhurat in May 2026)


मई महीने में अनुराधा, उत्तरा आषाढ़ और उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्रों के साथ लंबे समय के शुभ मुहूर्त मिलते हैं, जो भूमिपूजन और भवन निर्माण की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं।

तिथि

वार

समय

नक्षत्र

4 मई

सोमवार

सुबह 5:38 – 10:50

अनुराधा

8 मई

शुक्रवार

दोपहर 12:25 – रात 9:20

उत्तरा आषाढ़ 

13 मई

बुधवार

सुबह 5:32 – दोपहर 1:29

उत्तरा भाद्रपदा

भूमिपूजन मुहूर्त जून 2026 (Bhumi Pujan Muhurat in June 2026)


जून 2026 में भी भूमिपूजन के कई मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो नई ज़मीन पर शुभ कार्य प्रारंभ करने के लिए उपयुक्त हैं।

तिथि

वार

समय

नक्षत्र

24 जून

बुधवार

सुबह 5:25 – दोपहर 1:59

चित्रा

26 जून

शुक्रवार

रात 10:22 – सुबह 5:25 (27 जून)

अनुराधा

27 जून

शनिवार

सुबह 5:25 – रात 10:11

अनुराधा

भूमिपूजन मुहूर्त जुलाई 2026 (Bhumi Pujan Muhurat in July 2026)


जुलाई माह की शुरुआत में उत्तरा आषाढ़ और उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्रों के तहत कुछ महत्वपूर्ण मुहूर्त हैं, जो भूमिपूजन के लिए लाभकारी हैं।

तिथि

वार

समय

नक्षत्र

1 जुलाई

बुधवार

सुबह 6:51 – सुबह 5:27 (2 जुलाई)

उत्तरा आषाढ़ 

2 जुलाई

गुरुवार

दोपहर 1:15 – 3:20

उत्तरा आषाढ़

6 जुलाई

सोमवार

शाम 4:07 – सुबह 5:29 (7 जुलाई)

उत्तरा भाद्रपदा

भूमिपूजन मुहूर्त अगस्त 2026 (Bhumi Pujan Muhurat in August 2026)

चतुर्मास की अवधि के कारण इस माह कोई शुभ भूमिपूजन मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।

भूमिपूजन मुहूर्त सितंबर 2026 (Bhumi Pujan Muhurat in September 2026)

यह माह भी चतुर्मास के अंतर्गत आता है, अतः भूमिपूजन के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं है।

भूमिपूजन मुहूर्त अक्टूबर 2026 (Bhumi Pujan Muhurat in October 2026)


अक्टूबर माह की शुरुआत में तो चातुर्मास के प्रभाव की वजह से कोई शुभ मुहूर्त नहीं है परन्तु आखरी हफ्ते में पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्रों के दौरान दो महत्वपूर्ण मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो भवन निर्माण और भूमिपूजन के लिए शुभ हैं।

तिथि

वार

समय

नक्षत्र

27 अक्टूबर

मंगलवार

सुबह 8:20 – 10:50

पुनर्वसु

31 अक्टूबर

शनिवार

दोपहर 12:30 – 3:00

पुष्य

भूमिपूजन मुहूर्त नवंबर 2026 (Bhumi Pujan Muhurat in November 2026)


नवंबर 2026 भूमिपूजन के लिए सबसे अधिक शुभ तिथियों वाला महीना है, जिसमें कई नक्षत्रों के साथ मुहूर्त उपलब्ध हैं।

तिथि

वार

समय

नक्षत्र

3 नवम्बर

मंगलवार

दोपहर 3:06 – रात 2:06 (4 नवम्बर)

पुनर्वसु

7 नवम्बर

शनिवार

दोपहर 2:48 – रात 9:16

पुष्य

10 नवम्बर

मंगलवार

शाम 6:48 – रात 12:08 (11 नवम्बर)

अनुराधा

11 नवम्बर

बुधवार

सुबह 6:40 – 11:38

अनुराधा

14 नवम्बर

शनिवार

रात 8:24 – 11:23

उत्तरा आषाढ़ 

17 नवम्बर

मंगलवार 

सुबह 5:01 – सुबह 6:46 (18 नवम्बर)

रेवती

20 नवम्बर

शुक्रवार

सुबह 6:56 – सुबह 6:31 (21 नवम्बर)

उत्तरा भाद्रपदाा

21 नवम्बर

शनिवार

सुबह 4:56 – सुबह 5:54 (22 नवम्बर)

अश्विनी, रेवती

25 नवम्बर

बुधवार

सुबह 6:52 – सुबह 6:52 (26 नवम्बर)

रोहिणी, मृगशिरा

26 नवम्बर

गुरुवार

सुबह 6:52 – शाम 5:47

मृगशिरा

भूमिपूजन मुहूर्त दिसंबर 2026 (Bhumi Pujan Muhurat in December 2026)


दिसंबर महीने में भी विभिन्न नक्षत्रों के अंतर्गत कई शुभ मुहूर्त मिलते हैं, जो भूमिपूजन के लिए बहुत ही बढ़िया हैं।

तिथि

वार

समय

नक्षत्र

2 दिसम्बर

बुधवार

रात 10:51 – सुबह 6:58 (3 दिसम्बर)

उत्तरा फाल्गुनी

3 दिसम्बर

गुरुवार

सुबह 6:58 – 9:23

उत्तरा फाल्गुनी

4 दिसम्बर

शुक्रवार

सुबह 10:22 – रात 11:44

चित्रा

11 दिसम्बर

शुक्रवार

रात 3:04 – सुबह 7:04 (12 दिसम्बर)

उत्तरा आषाढ़ 

12 दिसम्बर

शनिवार

सुबह 7:04 – दोपहर 2:06

उत्तरा आषाढ़ 

18 दिसम्बर

शुक्रवार

रात 11:14 – सुबह 7:09 (19 दिसम्बर)

रेवती

19 दिसम्बर

शनिवार

सुबह 7:09 – दोपहर 3:58

रेवती

30 दिसम्बर

बुधवार

सुबह 7:13 – दोपहर 12:36

उत्तरा फाल्गुनी



Read More : Griha Pravesh Muhurat 2026


भूमि पूजन करते समय कौन-सी सावधानियां बरतनी चाहिए?

  • राहुकाल व भद्राकाल में पूजन न करें।

  • शुद्ध वस्त्र पहनें और स्नान कर शुद्ध हो जाएं।

  • पूजा स्थल को गोमूत्र और गंगाजल से पवित्र करें।

  • भूमि पूजन के दिन अमावस्या, ग्रहण या एकादशी से बचें।

  • पंडित से परामर्श लेकर यज्ञ सामग्री और कलश की स्थापना करें।

भूमि पूजन मुहूर्त तिथियां 2026: महीने, तिथियां और नक्षत्र 


पौष, वैसाख, अगहन, फाल्गुन, श्रावण, कार्तिक और भाद्रपद – इन हिन्दू महीनों में ग्रह-नक्षत्र की स्थिति सकारात्मक मानी जाती है। इसलिए यह महीने भूमि पूजन के लिए बेस्ट है। 

रोहिणी, मृगशिरा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, रेवती, पुष्य – ये नक्षत्र भूमि पूजन के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।

द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, पूर्णिमा तिथियां 2026 में गृह निर्माण और भूमि पूजन के लिए सबसे अच्छी तिथियां हैं। 

2026 में नए घर के लिए भूमिपूजन करने के शुभ अवसर

  • पुष्य नक्षत्र युक्त गुरुवार अति दुर्लभ और फलदायी योग होता है।

  • गुरुवार और सोमवार विशेष रूप से पूजन के लिए शुभ माने जाते हैं।

  • विक्रम संवत 2082 के अनुसार आषाढ़ से मार्गशीर्ष तक का समय बेस्ट है।

Read More : Explore Shubh Muhurat

2026 में भूमि पूजन का अशुभ मुहूर्त : इन दिनों से बचें

  • भद्राकाल, जो किसी भी शुभ कार्य में बाधक होता है

  • अमावस्या, ग्रहण काल (सूर्य या चंद्र), एकादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी

  • राहुकाल, जो सामान्यतः प्रातः 7:30 से 9:00 या 10:30 तक होता है (जगह के हिसाब से समय अलग हो सकता है)

निष्कर्ष

भूमि पूजन केवल एक धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और भविष्य की खुशहाली का प्रवेश द्वार है। सही मुहूर्त, अच्छी भावना और सही दिशा-निर्देशों के साथ किया गया भूमि पूजन आपके नए घर को सुख, सौभाग्य और समृद्धि से भर सकता है। इसलिए, 2026 में घर निर्माण से पहले हाउस ज्ञान के इस लेख में दी गई शुभ तिथियों, नक्षत्रों और महीनों को ध्यानपूर्वक देखें, और योग्य पंडित से परामर्श लेकर ही शुभ कार्य का आरंभ करें।

FAQs

1. भूमि पूजन क्या होता है और क्यों जरूरी है?

भूमि पूजन घर निर्माण से पहले किया जाने वाला धार्मिक अनुष्ठान है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा आती है और निर्माण कार्य बिना बाधा के पूरा होता है।

2. 2026 में भूमि पूजन के लिए सबसे शुभ महीने कौन-से हैं?

जून, नवंबर और दिसंबर 2026 भूमि पूजन और घर निर्माण शुरू करने के लिए सबसे शुभ महीने माने गए हैं।

3. क्या गलत मुहूर्त में भूमि पूजन करने से नुकसान हो सकता है?

हाँ, गलत मुहूर्त में भूमि पूजन करने से आर्थिक समस्या, मानसिक तनाव और निर्माण में बाधाएं आ सकती हैं।

4. भूमि पूजन के लिए कौन-से नक्षत्र सबसे अच्छे होते हैं?

रोहिणी, मृगशिरा, हस्त, चित्रा, रेवती और पुष्य नक्षत्र भूमि पूजन के लिए शुभ माने जाते हैं।

5. क्या राहुकाल और भद्राकाल में भूमि पूजन करना चाहिए?

नहीं, राहुकाल और भद्राकाल को अशुभ माना जाता है, इसलिए इन समयों में भूमि पूजन नहीं करना चाहिए।

6. भूमि पूजन के लिए कौन-सी तिथियां शुभ होती हैं?

द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी और पूर्णिमा तिथियां भूमि पूजन के लिए शुभ मानी जाती हैं।

7. क्या पंडित से सलाह लेना जरूरी है भूमि पूजन के लिए?

हाँ, सही मुहूर्त और विधि के लिए अनुभवी पंडित से सलाह लेना बहुत जरूरी होता है।



Comments 0 Comments

Add Comment

House Gyan all services

Loading...
housegyan logo

The information contained on Housegyan.com is provided for general informational purposes only. While we strive to ensure that the content on our website is accurate and current, we make no warranties or representations of any kind, express or implied, about the completeness, accuracy, reliability, suitability, or availability with respect to the website or the information, products, services, or related graphics contained on the website for any purpose. Housegyan.com will not be liable for any loss or damage including, without limitation, indirect or consequential loss or damage, or any loss or damage whatsoever arising from loss of data or profits arising out of, or in connection with, the use of this website.


Third party logos and marks are registered trademarks of their respective owners. All rights reserved.

By Rapsa Group

Tractorgyan
Social Media
FacebookLinkedinInstagramYoutubePinterestWhatsappTwitterTelegramThreads

Download Our App

Download HouseGyan on Google PlayDownload HouseGyan on the App Store
© 2026 RAPSA TECHNOLOGIES PRIVATE LIMITED
footer-bg